Facts on places of rajasthan | राजस्थान के दुर्गो से संबधित महत्वपूर्ण तथ्य

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 *राजस्थान के दुर्गो से संबधित महत्वपूर्ण तथ्य*✍️

Facts on places of rajasthan | राजस्थान के दुर्गो से संबधित महत्वपूर्ण तथ्य

1. किस दुर्ग के बारे में अबुल फजल ने कहा है कि अन्य सभी दुर्ग नंगे है जबकि यह दुर्ग बख्तरबंद है

उतर- रणथम्भौर

नोट- रणथंबोर दुर्ग का सामरिक महत्व इतना है कि यह विशाल पर्वत पर स्थित है और दूर से यह दिखाई नहीं देता लेकिन इसके ऊपर से दुश्मन को आसानी से देखा जा सकता है 1301 में राणा हमीर तथा अलाउद्दीन खिलजी के बीच यहां पर युद्ध होता है इसके बाद 11 जुलाई 1301 को रणथंबोर दुर्ग का पतन हो जाता है रणथंबोर दुर्ग का प्रवेश द्वार नौलखा दरवाजा के नाम से जाना जाता है


2. हनुमानगढ़ में स्थित भटनेर का किला किस नदी के तट पर स्थित है

उतर- घग्घर

नोट- इसका निर्माण तीसरी शताब्दी में राजा भूपत के द्वारा करवाया गया था इस दुर्ग के बारे में तैमूर ने अपनी आत्मकथा तुजुक ए तैमुरी मे लिखा है कि मैंने इतना मजबूत और सुरक्षित किला पूरे हिंदुस्तान में कहीं नहीं देखा


3. कुंभलगढ़ दुर्ग का शिल्पकार कौन था

उतर- मण्डन

नोट- कुंभलगढ़ दुर्ग राजसमंद जिले में स्थित है जिसका निर्माण राणा कुंभा के द्वारा जरगा पहाडी़ पर करवाया गया था इस दुर्ग के दीवार की लंबाई 36 किलोमीटर है 1578 के बाद प्रताप ने संकटकाल के रुप मे इस दूर्ग मे शरण ली थी जब शाहबाज खां ने तीन बार यंहा आक्रमण किया था कर्नल जेम्स टॉड ने इस दुर्ग की तुलना एस्ट्रुक्शन से की है कुंभलगढ़ दुर्ग में स्थित कटार गढ़ को मेवाड़ की आंख कहा जाता है


4. बीकानेर में स्थित जूनागढ़ किले का निर्माण किस शासक के द्वारा करवाया गया था

उतर- रायसिंह

नोट- जूनागढ़ दुर्ग को जमीन का जीवन भी कहा जाता है इस किले का पुराना नाम चिंतामणि दुर्ग था इसकी नीवं 1485 में रखी गई थी


5. औरंगजेब द्वारा निर्मित बुलंद दरवाजा राजस्थान के किस दुर्ग में स्थित है

उतर- गागरोन

नोट- गागरोन का किला झालावाड़ में कालीसिंध और आहु नदियों के संगम पर स्थित है यह राजस्थान का एकमात्र जलदुर्ग माना जाता है जिसका निर्माण परमार शासकों के द्वारा करवाया गया था उस समय यह डोडगढ दुर्गा के नाम से जाना जाता था बाद में देवनसिंह खींची ने बिजल देव को मारकर इस दुर्ग पर अधिकार कर लिया और उसी समय से यह गागरोन के नाम से जाना गया ,1423 मे मांडू के सुल्तान होशंग शाह ने गागरोन पर आक्रमण किया उसमें गागरोन का पहला साका हुआ था जिसमें यहां का शासक अचलदास खींची वीरगति को प्राप्त हुआ 1444 मे मालवा के शासक महमूद खिलजी ने इसके लिए पर आक्रमण किया उस समय दूसरा साका हुआ था महमूद खिलजी ने इस दुर्ग का नाम मुस्तफाबाद कर दिया था इस दुर्ग में औरंगजेब के द्वारा निर्मित बुलंद दरवाजा स्थित है इसके अलावा यहां पर टकसाल जंहा सिक्के के डाले जाते थे तथा सूफी संत मिठे साहब की दरगाह भी स्थित है


6. सर्वोत्तम गिलास गज विलास और जवाहर विलास किस दुर्ग में हैं

उतर- सोनार का किला जैसलमेर

नोट- जैसलमेर किले का निर्माण राव जैसल के द्वारा करवाया गया था इसे त्रिकूट गढ़, गोरहरानगढ तथा जैसाणगढ कहते हैं इस दुर्ग में राजस्थान में सर्वाधिक 99 बुर्ज है


7."ओह दुनिया का दूसरा जिब्राल्टर" अजमेर में स्थित तारागढ़ दुर्ग के बारे में यह कथन किसका है

उतर- लॉर्ड विलियम बेंटिक

नोट- इसका निर्माण अजय राज के द्वारा 1113 में करवाया गया था यहां पर मीरान साहब की दरगाह है


8. जालौर का किला किस नदी के किनारे पर है

उतर- सुकडी़

नोट- इस दुर्ग में इस्लामी संत मलिक शाह का मक़बरा है इस दुर्ग के बारे में कहा जाता है कि इस का दरवाजा आज तक कोई भी आक्रमणकारी नहीं खोल सका( हसन निजामी के अनुसार)


8.किलकिला, शम्भुबाण और गजनी खां तोपे किस दुर्ग में है

उतर- जोधपुर के मेहरानगढ़ में

नोट- इसके लिए का निर्माण कराओ 14 के द्वारा करवाया गया था इसे मयूरध्वज गढ़ के नाम से भी जाना जाता है जो चिड़िया टूक पहाड़ी पर स्थित होने के कारण चिड़िया टूक के नाम से भी जाना जाता है


9. किस दूर्ग को मारवाड़ के शासकों की शरण स्थली कहा जाता है

उतर- सिवाणा 

नोट- सिवाना का दुर्ग, जो जोधपुर से 60 किलोमीटर दूर स्थित है, गिरी दुर्ग का उत्कृष्ट उदाहरण है वैसे तो यह किला चारों ओर से रेतीले भाग से घिरा हुआ है, किंतु इसके समानांतर इस भूभाग में पहाड़ियों की अनवरत श्रंखला आच्छादित है उक्त पहाड़ियों का सर्वोच्च शिखर हल्देश्वर है, जिस पर यह सुदृढ़ दुर्ग बना हुआ है. इसे ही सिवाना कहकर संबोधित किया जाता है इस दुर्ग को जालौर दुर्ग की कुंजी कहा जाता है जब अलाउद्दीन खिलजी ने 1308 में सिवाना दुर्ग पर आक्रमण किया था उस समय सिवाना दुर्ग का शासक सातलदेल था अलाउद्दीन की सेनापति कमालुद्दीन गुर्ग ने दुर्ग को घेर लिया और सातल देव के सेनापति भावले को अपनी ओर मिला लिया बाद में इस तरह का नाम बदलकर के खैराबाद कर दिया 


10.लोहागढ दुर्ग किस जिले मे है

उतर- भरतपुर

नोट- इस दुर्ग का निर्माण 1733 में राजा सूरजमल के द्वारा करवाया गया था इसे लार्ड लेक भी नहीं जीत पाया था इस कारण इसे लोहागढ़ का किला भी कहा जाता है यहीं पर 18 मार्च 1948 को मत्स्य संघ का उद्घाटन हुआ था।

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